जशपुर , दिसंबर 17 -- छत्तीसगढ़ में जशपुर पुलिस ने फर्जी तरीके से खुद को राज्य सशस्त्र बल का जवान बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों को झांसे में लिया और दो महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी की थी। मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र का है।
एसएसपी कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बुधवार को बताया गया आरोपी पुन्नी लाल अनंत (27), निवासी ग्राम टाडा दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर, जशपुर में किराए के मकान में रहकर खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताता था। वह अक्सर पुलिस की वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान झरगांव निवासी सीमा बाई से हुई, जिन्हें उसने मत्स्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने अपनी कथित पहुंच का हवाला देकर चार लाख रुपये की मांग की, जिसमें से सीमा बाई ने दो लाख रुपये दे दिए। शेष राशि मिलने पर नियुक्ति पत्र देने का भरोसा दिया गया था।
इसके अलावा आरोपी ने सीमा बाई की भतीजी को डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए और तीन लाख रुपये की मांग की। बाद में पीड़िता को जानकारी मिली कि आरोपी कोई पुलिसकर्मी नहीं है और उसके साथ ठगी हुई है। इस पर 8 दिसंबर को थाना सिटी कोतवाली जशपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(2) व 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। फरार आरोपी को तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर बिलासपुर स्थित उसके गांव से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके कब्जे से पीड़िताओं के शैक्षणिक व पहचान संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि इस तरह की ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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