नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- सर्वोच्च सैन्य संस्था 'चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी' ने सशस्त्र बलों में भविष्य की क्षमताओं के निर्माण के लिए प्रशिक्षण पद्धति पर बुधवार को एक विज़न दस्तावेज़ जारी किया।

मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह एक आधारभूत दस्तावेज़ है, जो सभी सेनाओं को वांछित प्रशिक्षण परिणामों की दिशा में समग्र मार्गदर्शन प्रदान करता है, ताकि मौजूदा और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सैन्य नेतृत्व को तैयार किया जा सके।

पोस्ट में कहा गया है, "यह व्यापक दस्तावेज़ पेशेवर सैन्य शिक्षा के प्रत्येक चरण के लिए उद्देश्यों को रेखांकित करता है, जिससे सैन्य नेताओं की क्रमिक पेशेवर वृद्धि सुनिश्चित हो सके और संयुक्त एवं एकीकृत वातावरण में बहु-क्षेत्रीय अभियानों को संचालित करने की क्षमताओं का विकास हो।"वर्ष 2020-21 में कमेटी के निर्देश पर सेनाओं के प्रशिक्षण कमानों के प्रमुखों की विशेषज्ञ समिति द्वारा प्री-कमीशन ट्रेनिंग अकादमी , सशस्त्र बल प्रशिक्षण संस्थानों , वॉर कॉलेजों और नेशनल डिफेंस कॉलेज के कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए एक त्रि-सेवा अध्ययन किया गया। इस अध्ययन का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से संयुक्तता को बढ़ाने के लिए ढांचे, प्रक्रियाओं, विषयवस्तु और पाठ्यक्रम में बदलाव की सिफारिश करना था। अध्ययन में सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाने के उद्देश्य से कई सिफारिशें की गईं।

इसके अनुरूप सितंबर 2022 में चार कार्यान्वयन समितियों का गठन किया गया ताकि इन सिफारिशों को लागू करने की व्यवहारिकता की जांच की जा सके और आगे की कार्ययोजना सुझाई जा सके। अध्ययन की दो सिफारिशों को कार्यान्वयन समिति द्वारा लागू करने के लिए मंजूरी दी गई।

अध्ययन से जुड़े दो प्रमुख प्रस्तावों को कार्यान्वयन समिति ने लागू करने की स्वीकृति दी, जो भारत के सैन्य प्रशिक्षण दर्शन में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। पहली सिफारिश के तहत कमेटी सभी स्तरों की पेशेवर सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एक एकीकृत विज़न और मार्गदर्शन ढांचा जारी करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना के अधिकारी अपने करियर के प्रारंभिक चरण से लेकर उच्चतम कमान और स्टाफ प्रशिक्षण तक एक समान सिद्धांतात्मक और रणनीतिक दृष्टिकोण से निर्देशित हों।

दूसरी स्वीकृत सिफारिश के तहत पेशेवर सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण के सभी स्तरों के लिए समिति के परिणाम जारी किए जाएंगे। ये परिणाम किसी अधिकारी के पेशेवर विकास के प्रत्येक चरण में अपेक्षित दक्षताओं और ज्ञान को परिभाषित करेंगे। इससे शिक्षा और प्रशिक्षण को उचित महत्व मिलेगा तथा विभिन्न संस्थानों में संयुक्त प्रशिक्षण की विषयवस्तु और पाठ्यक्रम का मानकीकरण सुनिश्चित होगा।

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