बीजापुर, अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सलवा जुडुम के विस्थापित के 109 एकड़ जमीन रायपुर के एक उद्योगपति पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।

श्री मंडावी ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि रायपुर के एक उद्योगपति ने भैरमगढ़ राहत शिविरों में रह रहे पांच ग्रामीण परिवारों की 109 एकड़ जमीन धोखाधड़ी से अपने नाम करा ली है।

श्री मंडावी ने कहा कि धर्मा, बैल, छोटेपल्ली और मरकापाल गांव के ये परिवार सलवा जुडुम के दौर में अपने गांव छोड़ने को मजबूर हुए थे। इसी दौरान जमीन कारोबारियों ने उनके माता-पिता को बहला-फुसलाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए और गोयनका के नाम पर रजिस्ट्री करा ली। ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

उन्होंने कहा, "यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बस्तर के मूल निवासियों की अस्मिता पर हमला है। उद्योगपतियों के लालच में लोगों की पुश्तैनी जमीनें छीनी जा रही हैं। सरकार को अब तय करना है कि वह किसके साथ है जनता के या पूंजीपतियों के।" उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों में चेतन नाग (12 एकड़), घस्सूराम (29 एकड़), पीला राम (18 एकड़), लेदरी सेठिया (40 एकड़) और बीरबल (10 एकड़) शामिल हैं। कुल मिलाकर 109 एकड़ जमीन का मामला है, जिस पर ग्रामीणों का हक था।

कांग्रेस के विधायक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "डबल इंजन की सरकार बनने के बाद बस्तर में उद्योगपतियों का दबदबा और बढ़ गया है। जल, जंगल और जमीन स्थानीय लोगों की पहचान है, लेकिन सरकार इन संसाधनों को बड़े घरानों के हवाले कर रही है।"उन्होंने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, जमीनें वापस लौटाई जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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