बेलग्रेड , नवंबर 01 -- सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड से भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ जेन-जी पीढ़ी का जनआंदोलन '16 दिन का मार्च' का काफिला शनिवार को नोवी साद इलाके में पहुंच गया। यहां कई इलाकों से आए हजारों लोग ने इकट्ठा होकर सरकार से जवाबदेही और न्याय की मांग की है।

यह मार्च उस दुखद घटना की याद में निकाला गया है जिसमें एक नवंबर 2024 को नोवी साद रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जनता और छात्रों ने सरकारी लापरवाही, भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में मिलीभगत के खिलाफ आवाज उठाई और एक साल बाद, यही आक्रोश अब एक संगठित आंदोलन में बदल चुका है।

जेन-जी लोगों ने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े इस हादसे को याद करते हुए '16 दिन का मार्च' निकालने का ऐलान किया था। इस नयी पीढ़ी की मांगें केवल उस हादसे की जांच तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे देश में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई और जल्द चुनाव की मांग भी कर रहे हैं।

इस शांतिपूर्ण आंदोलन की खास बात यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों ने नेतृत्व दिया है। युवा पीढ़ी इस आंदोलन को "नए सर्बिया" की आवाज़ बता रही है।

इस आंदोलन में हर दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पैदल मार्च में शामिल होते रहे और 16 दिनों की यात्रा के अंत में नोवी साद को प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया। शनिवार को इस नोवी साद शहर में हजारों लोग एकत्रित होकर प्रदर्शन के समापन के आ जुटे। रैली के समापन से पहले दो मिनट का मौन रखा गया और मोमबत्तियाँ जलाकर 16 मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार बेलग्रेड और नोवी साद में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रपति एलेक्ज़ांडर वूचिच ने हादसे पर खेद जताया था पर सत्ता परिवर्तन या नई जांच समिति की मांग पर अब तक कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है। विपक्षी दलों ने इस मौन को जनता की अवहेलना बताया है, वहीं सरकारी प्रवक्ता इसे "राजनीतिक लाभ के लिए किया गया शोर" करार दे रहे हैं।

यूरोपीय संघ ने सर्बिया सरकार से अपील की है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करे और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे।

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