जयपुर , जनवरी 06 -- राजस्थान में शीतलहर और अत्यधिक सर्दी के मद्देनजर जिला कलेक्टर एवं शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया लेकिन अधिकतर निजी स्कूल संचालकों ने इन आदेशों को खुलेआम ठेंगा दिखाते हुए मनमाना रवैया अपनाया और बच्चों को भारी ठंड और कोहरे के बीच स्कूल आने पर मजबूर किया।

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने मंगलवार को अपने बयान में यह आरोप लगाया। श्री बिट्टू ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है बल्कि नन्हें बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ भी है।

उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद स्कूलों को खुला रखना, बच्चों को ठंड में स्कूल आने के लिए मजबूर करना पूरी तरह असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। कई स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि बच्चे अवकाश के बावजूद स्कूल आये, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि निजी स्कूल संचालक स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। जिला कलेक्टर और शिक्षा विभाग के आदेश कोई सुझाव नहीं बल्कि बाध्यकारी निर्देश हैं। जो स्कूल इन आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

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