अलवर , अक्टूबर 28 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य में युवा होते 13 शावक जल्द ही अपने क्षेत्र बनाने के लिए निकलेंगे।

वन विभाग के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सरिस्का बाघ अभयारण्य में बाघों के 21 शावक हैं, जिनमें 13 शावक इस वर्ष के अंत या नये वर्ष की शुरुआत में अपनी मां से अलग होकर अपना क्षेत्र तलाशेंगे। इनके लिए सरिस्का भी संभवत: छोटा पड़ेगा, क्योंकि एक बाघ का क्षेत्र करीब 40 से 50 किलोमीटर होता है। सरिस्का में इस वक्त 50 बाघ हैं, जिसमें 11 नर और 18 मादा हैं। इनके 21 शावक हो गये हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरिस्का में बसे गांव को भी स्थानांतरित किया जाना है, लेकिन राजनीतिक दखलअंदाजी और मुआवजे के मुद्दों के कारण सरिस्का जंगल में बसे गांव का विस्थापन आशा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है, क्योंकि वर्ष 2008 से ही विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है।

सरिस्का के बाघ की नयी पीढ़ी अपना राज चलाने के लिए नये क्षेत्रों की तलाश करेंगे, क्योंकि 13 शावक किशोरावस्था की दहलीज को पार करके अपने स्वतंत्र घर में रहेंगे। यूं तो सरिस्का में इन दिनों 50 बाघ मौजूद हैं और 21 शावक सरिस्का की शोभा बढ़ा रहे हैं। जब ये शावक अपना स्वतंत्र घर बनायेंगे तो सरिस्का प्रशासन द्वारा इनका विधिवत नामकरण भी किया जायेगा। अभी हाल में ही अलवर शहर के समीप बाला किला क्षेत्र में बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया था। सरिस्का में बाघ विशेषज्ञों के अनुसार करीब दो वर्ष के होने पर ये शावक अपनी मां से अलग होकर नया क्षेत्र बनाते हैं।

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