अलवर , फरवरी 17 -- राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य क्षेत्र में बाघिन एसटी-27 का एक शावक पिछले 19 दिन से लापता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरिस्का प्रशासन उसे तलाशने में जुटा है, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चला है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किशोर होता शावक है, संभव है कि अपना क्ष्रेत्र बनाने के लिए वह सरिस्का की सीमा पार करके पड़ोसी जिले जयपुर या दौसा क्षेत्र में चला गया हो।
क्षेत्रीय निदेशक संग्राम सिंह ने इस संबंध में अलवर, दौसा और जयपुर के उपवन संरक्षकों को पत्र लिखकर इस शावक के लापता होने की पुष्टि करते हुए उसकी निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गयी है। इस शावक को अंतिम बार 29 जनवरी को टहला रेंज की खोह बीट स्थित कंडियाल एनीकट के पास देखा गया था। वहां इसके पदचिह्न मिले हैं। उसके बाद उसके पदचिह्न नहीं मिले हैं।
सूत्रों ने बताया कि उसके बाद से यह शावक किसी कैमरे में कैद नहीं हुआ है। क्षेत्राधिकार को लेकर संघर्ष में एक बाघिन की मौत हो जाने के बाद इस पर संकट के बादल मंडराने की आशंका भी जतायी जा रही है। इस शावक को तलाश करने के लिए सरिस्का प्रशासन ने शावक के होने के संभावित क्षेत्र में 50 कैमरे लगाये हैं।
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