अलवर , अप्रैल 22 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य के बफर क्षेत्र स्थित बाला किला के जंगल में पर्यटकों को बाघ एवं उनके शावकों के दीदार होने से यहां बड़ी संख्या में पर्यटक सफारी के लिए पहुंच रहे हैं।

वन विभाग के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सुबह शाम की सफारी के दौरान शहर के समीप अंधेरी, बाला किला एवं उसके आसपास क्षेत्र में पर्यटकों को बाघों के दीदार होते हैं। आज सुबह सफारी के दौरान पर्यटकों ने छोटे तालाब के पास बाघिन एवं उसके शावकों क़ो बैठे देखा। काफी देर तक पर्यटकों को बाघ दिखाई दिये। यह देखकर पर्यटक खासे खुश हुये।

अलवर स्थित सरिस्का बाघ परियोजना के बफर रेंज में इन दिनों एसटी-19 और उसके चार शावक मौजूद हैं,जो पर्यटकों को लगातार नजर आ रहे हैं। अलवर बफर क्षेत्र में पानी की समुचित व्यवस्था सरिस्का बाघ अभयारण्य प्रशासन द्वारा की गयी है। सरिस्का बफर क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी इन बाघों के अच्छी तरह से दीदार हुए हैं। तालाब में बाघिन पानी पीती नजर आयी, तो उसके पास ही शावक जमीन पर लेटे हुए दिखाई दिये। इस दौरान जंगल क्षेत्र में लगे कैमराें की मदद से बाघिन एवं उसके शावकों के फोटो और वीडियो कैद किये गये।

सूत्रों ने बताया कि सरिस्का प्रशासन ने वीडियो और फोटो मीडिया को उपलब्ध करवाये। बाला किला बफरजोन शहर के बिल्कुल नजदीक है। शहर की परिधि में ही आता है। प्रतिदिन हजारों लोग जाते हैं, बफर क्षेत्र के आसपास बड़ी संख्या में गांव बसे हुए हैं. ऐसे में बाघ देखने के लिए लोगों को दूर जाना नहीं पड़ता और बफर क्षेत्र में ही बाघों दिख जाते हैं। इसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए बफर क्षेत्र में जा रहे हैं। एक समय था जब सरिस्का में शिकार के कारण बाघों का पूरा सफाया हो गया था। उसके बाद सरिस्का बाघ विहीन हो गया था। सरिस्का में वर्ष 2008 में बाघों के पुनर्स्थापन के वर्तमान में इनकी संख्या शावकों सहित 52 हो गयी है। राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ अभयारण्य एनसीआर क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। सरिस्का में बाघों की बेहतर निगरानी के कारण बाघों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। साथ ही सरिस्का जंगल क्षेत्र में बसे गांवों को भी बाहर विस्थापित किया जा रहा है। प्रत्येक बाघ के पीछे एक दल लगा होता है उनकी निगरानी करता है।

सरिस्का के मुख्य वन अधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि सरिस्का के साथ अब बाला किला बफर जोन पर्यटकों की पहली पसंद बने लगा है, यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक सफारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। बाला किला बफर क्षेत्र का जंगल हरा भरा है। जंगल में बाघ एवं अन्य वन्य जीवों पर्यटकों को आसानी से नजर आ रहे हैं।

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