नयी दिल्ली , जनवरी 06 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा है कि छह से 18 जनवरी तक आयोजित सरस मेला देश के सभी राज्यों के महिला स्व-सहायता समूह को अपनी कारीगरी और उद्यमशीलता की भावना दिखाने और एक साथ लाने का अवसर प्रदान करेगा।
श्री पेम्मासामी ने मीडिया कर्मियों से कहा कि सरस मेला आंध्र प्रदेश के गुंटूर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय सरस कार्यक्रम के तौर पर, सरस-2026 में 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 300 महिला कारीगर और उद्यमी एक साथ आएंगी, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और बाज़ार तक पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों का विकास (डीडब्ल्यूसीआरए) महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय सेल्फ-हेल्प ग्रुप के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों को समझने, नये उत्पादों की संभावनाओं का पता लगाने और अपने व्यवसायों को बढ़ाने के लिए आधुनिक विपणन रणनीतियों को सीखने का एक अनोखा अवसर है।
राष्ट्रीय स्तर की सरस-2026 प्रदर्शनी का उद्घाटन आठ जनवरी को गुंटूर में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू करेंगे। इस मौके पर श्री पेम्मासानी भी मौजूद रहेंगे। यह पहली बार है कि इस पैमाने का कोई कार्यक्रम गुंटूर में आयोजित किया जा रहा है। यह 13-दिवसीय मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करेगा, साथ ही ग्रामीण कारीगरों और सेल्फ हेल्प ग्रुप को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच प्रदान करके उन्हें बढ़ावा देगा। श्री पेम्मसानी ने कहा कि सरस मेला एक प्रमुख पहल है, जिसका मकसद स्थायी आजीविका के ज़रिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना है।
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