करीमनगर , जनवरी 06 -- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मंगलवार को यहां कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर शांतिपूर्वक राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाली एक संस्था है।

श्री कुमार ने तेलंगाना के करीमनगर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षकों को नये भारत का असली शिल्पकार बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि वह स्वयं इसी संस्थान के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने याद किया कि शिशु मंदिर ने ही उनमें अनुशासन, संस्कृति, देशभक्ति और नैतिकता के बीज बोए, जिससे उनके सार्वजनिक जीवन को सही आकार मिला।

श्री कुमार ने करीमनगर संसदीय क्षेत्र के सभी सरस्वती शिशु मंदिर स्कूलों के लिए स्थायी भवन बनाने और लैपटॉप सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का वादा किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया, छात्रों के साथ वॉलीबॉल खेला और शिक्षकों से बातचीत की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिशु मंदिर न तो कोई सरकारी स्कूल है और न ही कोई निजी व्यावसायिक संस्थान, बल्कि यह समाज से जुड़ा एक शैक्षिक आंदोलन है। उन्होंने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण की आलोचना करते हुए कहा कि केवल अंक, रैंक और 'सैलरी पैकेज' ही चरित्र या देशभक्ति का निर्माण नहीं करते।

उन्होंने कहा, " सच्ची शिक्षा पूर्ण मानव और राष्ट्र सेवक बनाती है।" उन्होंने जोर दिया कि शिशु मंदिर की संस्कृति, विज्ञान और खेल का मॉडल छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें तैयार करता है।

मंत्री ने शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्र कल्याण योजनाओं से जुड़े वादों को पूरा न करने के कथित आरोपों को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने दोहराया कि शिशु मंदिर जैसे संस्थान सरकार पर निर्भर हुए बिना मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करना जारी रखे हुए हैं।

श्री कुमार ने छात्रों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और देश के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान करते हुए जनता से सरस्वती शिशु मंदिर स्कूलों का समर्थन करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यहां के शिक्षक भारत के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित