पटना , जनवरी 22 -- सरस्वती पूजा को लेकर पूजा पंडाल में स्वच्छता एवं मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना नगर निगम ने व्यापक व्यवस्था की है।
शहर में पर्यावरण संरक्षण एवं जलस्रोतों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न घाटों पर सात आर्टिफिशियल (कृत्रिम) तालाबों का निर्माण किया गया है। इन तालाबों में ही मूर्ति एवं पूजन सामग्री के विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
पटना नगर निगम ने आमजनों को स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर मूर्ति विसर्जन किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पटना नगर निगम के चार अंचलों में ये आर्टिफिशियल तालाब तैयार किए गए हैं। बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट, पाटलिपुत्र अंचल में पाटीपुल घाट एवं मीनार घाट, अजीमाबाद अंचल में घाट और मित्तन घाट तथा पटना सिटी अंचल में कंगन घाट एवं दमराही घाट पर कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया गया है।
सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर कपड़े से बैरिकेडिंग की गई है और पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था की गई है।
पटना के नगर आयुक्त यशपाल मीणा द्वारा सभी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरस्वती पूजा का आयोजन पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित किया जाए।सरस्वती पूजा के दिन पटना नगर निगम की टीमें अपने-अपने अंचलों में स्थापित पंडालों का भ्रमण कर मॉनिटरिंग करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि पंडाल निर्धारित मानकों के अनुरूप लगाए गए हों।
नगर आयुक्त ने समितियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि पंडालों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पूजन सामग्री इधर-उधर न फेंकें तथा सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग करें एवं मूर्ति विसर्जन केवल अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही करें।
पटना नगर निगम द्वारा सरस्वती पूजा के अवसर पर गंगा नदी सहित अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए विशेष सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। इसके साथ ही पूजा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी।ये टीमें श्रद्धालुओं एवं पूजा समितियों को प्लास्टिक रैपर, पॉलीथिन और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेंगी।
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