भोपाल , फरवरी 3 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराए जाने का निर्णय लिया है। मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इस निर्णय से 25 हजार 600 से अधिक विस्थापित परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे राज्य शासन पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

मंत्रि-परिषद ने मैहर एवं कटनी जिले की दो सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं पर कुल 620 करोड़ 65 लाख रुपये व्यय होंगे। मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना के लिए 53 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 3 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 9 ग्रामों के 2 हजार 810 कृषक लाभान्वित होंगे।

इसके अलावा कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566 करोड़ 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्रामों के लगभग 11 हजार 500 कृषकों को लाभ मिलेगा और 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15 हजार 9 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति भी दी गई है। इसमें वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ रुपये से कम लागत की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये तथा योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना एवं स्थापना और कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रुपये शामिल हैं।

इसी तरह पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की ब्लॉक ग्रांट योजना तथा पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िताओं के लिए सहायता योजना हेतु 24 करोड़ 70 लाख रुपये तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अल्पसंख्यक स्वरोजगार एवं उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने तथा इसके कर्मचारियों का संविलयन महिला एवं बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदान की गई।

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