जयपुर , अक्टूबर 30 -- भारत के लौहपुरुष, स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं राष्ट्र की एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने जिस अदम्य साहस, संगठन क्षमता और दृढ़ संकल्प के बल पर बिखरे हुए भारत को एक सूत्र में पिरोया, वह युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत रहेगा।
श्री देवनानी ने गुरुवार को कहा कि सरदार पटेल केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि भारत की अखंडता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने अपने कर्म, विचार और राष्ट्रनिष्ठा से यह सिद्ध किया कि जब देशहित सर्वोपरि हो, तब कोई भी कठिनाई असंभव नहीं रहती। उनके नेतृत्व में 562 रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर एक सशक्त, संगठित और एकीकृत भारत की नींव रखी गई यह उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
श्री देवनानी ने कहा कि आज जब देश विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है, तब हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और समरसता को सर्वोच्च मान बनाए रखे। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन से राष्ट्रसेवा, अनुशासन, निष्ठा और दृढ़ निश्चय की प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
श्री देवनानी ने कहा कि राष्ट्र की एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, और इस शक्ति की जड़ों में सरदार पटेल जैसे महापुरुषों का त्याग, तप और नेतृत्व अब भी जीवंत है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि भारत की एकता, सुरक्षा और गरिमा की रक्षा में सदैव समर्पित रहेंगे।
श्री वासुदेव देवनानी ने पुष्कर मेले के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
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