नयी दिल्ली , अक्टूबर 31 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोकर एकता और अखंडता का नया युग स्थापित किया।

श्रीमती गुप्ता के नेतृत्व में आज यहाँ "सरदार एट" अभियान के अंतर्गत "जल संगम से जन संगम - एकता का उत्सव" नामक भव्य आयोजन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यहाँ देश की 25 प्रमुख नदियों से एकत्र किए गए पवित्र जल से सरदार पटेल की प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभिषेक केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि यह एकता, अखंडता और समर्पण की उस भावना का प्रतीक है, जिसे सरदार पटेल ने देश की आत्मा में प्रवाहित किया था। उन्होंने बताया कि दिल्ली के विद्यार्थियों ने देश की 25 पवित्र नदियों जैसे झेलम, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, गोदावरी आदि से जल एकत्र किया, जो भारत की विविध सांस्कृतिक धाराओं और एकात्म चेतना का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने इसके पश्चात 'यूनिटी मार्च' का नेतृत्व किया, जो पटेल चौक से नेशनल वॉर मेमोरियल तक आयोजित हुई। इस मार्च में विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, माय भारत के युवाओं और शिक्षकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह मार्च मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में निहित एकता के उस विचार का जीवंत प्रदर्शन थी, जिसे सरदार पटेल ने अपने जीवन से साकार किया।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि यह 150वीं जयंती देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे उस महान विभूति की है, जिन्होंने पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोकर एकता और अखंडता का नया युग स्थापित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में सरदार पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की, जिससे आज प्रत्येक भारतीय उनके आदर्शों से प्रेरणा ले रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अखंड भारत और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक क्षण बताया।

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