चंडीगढ़ , अक्टूबर 31 -- हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा है कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सच्चे राष्ट्रनायक थे, जिनकी सोच में देश सर्वोपरि था।

उन्होंने कहा कि 1946 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव में पटेल को 12 प्रदेश कमेटियों का समर्थन मिला था, जबकि जवाहरलाल नेहरू को एक भी वोट नहीं मिला, लेकिन महात्मा गांधी के आग्रह पर श्री पटेल ने प्रधानमंत्री पद का दावा त्याग दिया।

श्री विज ने यहां एक बयान में कहा कि आज का एक भारत, सरदार पटेल की दूरदर्शिता का परिणाम है। उन्होंने 562 रियासतों का विलय कर देश को एक सूत्र में बांधा। उन्होंने कहा, "अगर नेहरू की जगह पटेल प्रधानमंत्री बने होते, तो आज भारत कई ऊंचाइयों को छू चुका होता।"उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए केवडिया में विश्व की सबसे ऊंची 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' बनवायी। मोदी 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में जुटे हैं, और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी इस दिशा में कार्यरत हैं।

श्री विज शुक्रवार को अम्बाला छावनी में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' पदयात्रा में शामिल हुए और राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलायी।

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