अंबिकापुर, फरवरी 11 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन 11 फरवरी 2026 को पीजी कॉलेज स्थित ऑडिटोरियम में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान यातायात जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों, एनसीसी-एनएसएस कैडेट्स, वाहन चालकों और पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया।
जिला पीआरओ से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार,कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सरगुजा अजीत बसंत, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल, नगर निगम सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी एवं महापौर अंबिकापुर मंजूषा भगत ने संयुक्त रूप से की।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशन पर आयोजित इस सुरक्षा माह के तहत जिले भर में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। यातायात जागरूकता रथ के माध्यम से सभी विकासखंडों में अभियान चलाया गया। स्कूल बसों का स्वास्थ्य परीक्षण, वाहन जांच, नुक्कड़ नाटक और लर्निंग लाइसेंस शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 1100 नागरिकों ने लर्निंग लाइसेंस बनवाकर लाभ उठाया।
महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि यातायात नियमों के पालन की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। उन्होंने कहा कि निगम और पुलिस विभाग के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि सड़क सुरक्षा को नागरिकों के व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने आगामी मैनपाट महोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने और अनाधिकृत पार्किंग रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त प्रयासों से दुर्घटनाओं में कमी लाई जाएगी।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि जनवरी माह में चलाए गए जागरूकता अभियान के परिणामस्वरूप जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सरगुजा पुलिस को प्राप्त 200 हेलमेट जरूरतमंदों को वितरित किए गए। सारथी दिवस पर अच्छे चालकों को पुरस्कृत कर निशुल्क हेलमेट वितरण किया गया।
नगर निगम सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी ने हेलमेट बैंक की स्थापना की सराहना करते हुए स्वयं 51 हेलमेट दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे अनुशासनात्मक उपाय ही दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।
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