सरगुजा , जनवरी 01 -- छत्तीसगढ़ में सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के एक आदिवासी इलाके से सामने आई तस्वीरों ने एक बार फिर राज्य के विकास और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत को आइना दिखाया है। ग्राम भारतपुर-लकरालता में सड़क नहीं होने के कारण परिजनों को एक युवक के शव को खाट पर रखकर कांवड़ की तरह कंधों पर ढोना पड़ा। कई किलोमीटर पैदल चलकर परिजन शव को मुख्य मार्ग तक ले गए, ताकि पोस्टमार्टम कराया जा सके।
मृतक की पहचान आदिवासी युवक सुरेंद्र तिर्की के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम लकरालता स्थित तालाब में डूबने से सुरेंद्र की मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने के कारण शव वाहन नहीं पहुंच सका। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने खाट को कांवड़ बनाकर शव को कंधों पर उठाया और मुख्य सड़क तक पहुंचे।
यह दृश्य देखने वालों की आंखें नम हो गईं और प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल खड़े हो गए।
यह घटना आजादी के इतने वर्षों बाद भी दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव को दर्शाती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क निर्माण की मांग की लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। आपात स्थिति में बीमार व्यक्तियों और मृतकों को इसी तरह पैदल ले जाना पड़ता है।
वहीं इस मामले पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने दुख जताते हुए कहा कि संबंधित सड़क का भूमि पूजन हो चुका है। बरसात के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। ग्रामीणों को बताया गया है कि आठ से नौ महीने के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विधायक ने कहा कि विष्णु देव सरकार में सीतापुर क्षेत्र की सभी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है और यह क्षेत्र जल्द ही ऐसी समस्याओं से मुक्त होगा।
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