नयी दिल्ली , जनवरी 27 -- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार संसद में नियम प्रक्रियाओं के तहत हर मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है लेकिन एजेंडा साझा नहीं करने का विपक्ष का आरोप निराधार है।
श्री रिजिजू ने संसद के बुधवार से शुरु हो रहे बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार कल से शुरु हो रहे बजट सत्र में हर मुद्दे पर चर्चा और प्रक्रियाओं के तहत चर्चा कराने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र में सबसे पहले राष्ट्रपति का अभिभाषण होता है जिसमें वह दोनों सदनों को संबोधित करती है जो बुधवार को तय है। संसद में अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाती है और उसके बाद बजट पर चर्चा होती है। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदस्य कई मुद्दे उठा सकते हैं क्योंकि अभिभाषण में सरकार के समक्ष लेखाजोखा रखा जाता है।
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के विधायी एजेंडा साझा नहीं करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद सरकार अपना एजेंडा साझा करती है। उनका कहना था कि विपक्ष को बोलने की आजादी है, लेकिन सुनना भी जरूरी है। उन्होंने मनरेगा की जगह लाये गये वीबी-जी राम-जी कानून पर चर्चा की मांग खारिज कर दी।
बजट सत्र से पहले सरकार की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मंगलवार को 35 से ज्यादा राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक में सरकार की तरफ से सभी दलों के नेताओं से बजट सत्र को सकारात्मक और सुचारू रूप से चलाने में मदद करने का आग्रह किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार हर बात सुनने के लिए तैयार है। सिर्फ हंगामा करके अगर विपक्ष सदन को नहीं चलने देती है तो तकलीफ होती है। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहती है लेकिन यह बजट सत्र है इसलिए इसमें बजट पर चर्चा कर इसे पास करना एक नियम है। हम लोग नियम से बाहर जाकर कोयी काम नहीं करते हैं। संविधान से देश चलता है कोई अपनी मर्जी से काम नहीं करता है।
श्री रिजिजू ने कहा, " मैं यह बात बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं। पिछली बार सभी विपक्षी पार्टियों ने मतदाता सूची के गहन विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की थी और सरकार ने इसका दायरा बढ़ाया था। हमने चुनाव सुधारों पर चर्चा की जिसमें एसआईआर का मुद्दा भी शामिल था। चुनाव सुधार पर लोकसभा और राज्यसभा में लंबी चर्चा हुई थी जिसमें सभी सदस्यों को पर्याप्त समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर फिर से एसआईआर पर बहस या चर्चा चाहते हैं तो यह बेवजह होगा क्योंकि इस पर पहले ही पूरी तरह से चर्चा हो चुकी है।"इस बीच लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य ह्विप के. सुरेश ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में विभिन्न नेताओं ने सरकार पर विधेयकों की रूपरेखा में विधायी एजेंडे नहीं देने का आरोप लगाया, हालांकि बैठक में शामिल सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि एजेंडा बाद में प्रसारित किया जाएगा। उनका यह भी कहना था कि सरकार किसी विधेयक को लाने से पहले विधेयक की प्रतियां भी समय पर उपलब्ध नहीं कराती है।
गौरतलब है कि सरकार ने बजट सत्र के कल से शुरु हो रहे सत्र से पहले दोनों सदनों में कामकाज का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के मकसद से मंगलवार को यहां सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बजट दो चरणों में होगा जिसके पहले चरण में एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। इस साल का बजट रविवार को पेश हो रहा है और बताया जा रहा है कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है।
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