नालंदा , अक्टूबर 30 -- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि एक समय था जब नालंदा में दुनिया भर से लोग पढ़ने के लिए आया करते थे, लेकिन आज प्रदेश में शिक्षा की स्थिति बहुत ही दयनीय है तथा ज्यादातर मामलों में परीक्षाओं में पेपर लीक हो जाता है, जिससे मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने में तकलीफ होती है ।
श्री गांधी ने प्राचीन काल में शिक्षा के केंद्र के रूप में विख्यात नालंदा में आयोजित जनसभा में आज कहा कि यदि बिहार में महागठबंधन की और केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनती है, तो नालंदा में दुनिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय खोला जाएगा और इसकी शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित पुरानी प्रतिष्ठा को कायम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में इसी नालंदा की धरती पर चीन,जापान,कोरिया,कम्बोडिया और यूरोप सहित दुनिया के असंख्य देशों से विद्यार्थी पढने के लिए आते थे, लेकिन दुःख इस बात का है कि वही शिक्षा का केंद्र , बिहार आज पेपर लीक का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के उत्थान के लिए नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसी व्यवस्था बनाने की जरुरत है, जिसके बाद बिहार के छात्र बाहर नही बल्कि दुनिया भर से विद्यार्थी फिर से बिहार पढ़ाने आएंगे।
कांग्रेस के सांसद ने कहा कि बिहार में 20 साल पुरानी नीतीश सरकार लाचार हो चुकी है और उसका रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नागपुर में बैठे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के हाथ में है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब रबर स्टैंप हो चुके हैं और प्रदेश के प्रशासनिक निर्णय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ गिने चुने नेता लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बिहार का त्वरित और समुचित विकास संभव नहीं है।
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