नयी दिल्ली , जनवरी 06 -- वित्त मंत्रालय ने अगले तीन साल में निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर देश भर में संभावित तौर पर क्रियान्वित की जाने वाली 825 परियोजनाओं की एक लम्बी सूची जारी की है ।इन पर कुल 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने का अनुमान है।
वित्त मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के क्रियान्वयन के तहत, आर्थिक मामलों के विभाग ने तीन वर्ष के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर लागू की जाने वाली परियोजनाओं की सूची तैयार की है। इनमें 232 परियोजनाएं रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजली , नागर विमानन, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, जल संसाधन और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग जैसे केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों से जुड़ी है जिनमें 1,315,572.89 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इसी तरह केंद्र शासित क्षेत्रों और राज्यों की संभावित 620 पीपीपी परियोजनाओं की सूची दी गयी है जिनमें 384,799.19 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।
विज्ञप्ति में कहा गया है, 'इन परियोजनाओं में अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े केंद्र सरकार के मंत्रालयों तथा राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों की कुल 852 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित परियोजना लागत 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।' यह सूची संभावित पीपीपी परियोजनाओं की अग्रिम तौर पर जानकारी देती है। मंत्रालय का कहना है कि इससे निवेशकों , डेवलपर्स और अन्य हितधारकों को बेहतर निवेश संबंधी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
इन परियोजनओं की जानकारी पीपीपीइनइंडिया.जीओवी.इन वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
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