नयी दिल्ली , दिसंबर 06 -- सरकार ने 'इंडिगो संकट' के बीच दूरी के हिसाब से अधिकतम किराया तय कर दिया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि 500 किलोमीटर तक की दूरी तक के लिए अधिकतम किराया 7,500 रुपये होगा। वहीं, 500 किमी से 1,000 किमी तक की दूरी के लिए किराये की सीमा 12,000 रुपये तय की गयी है।

एयरलाइंस 1,000 से 1,500 किमी के लिए 15,000 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकेंगी। वहीं, 1,500 किमी से ज्यादा की सभी दूरी के लिए अधिकतम किराया 18,000 रुपये तय किया गया है।

मंत्रालय ने कहा है कि अधिकतम किराया सीमा में यूजर डेवलपमेंट फी, यात्री सेवा शुल्क और कर शामिल नहीं हैं। साथ ही, बिजनेस श्रेणी की सीटों और उड़ान योजना के तहत आरक्षित सीटों पर भी यह सीमा लागू नहीं होगी।

उसने कहा है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेगी।

इससे पहले मंत्रालय ने कहा था कि उसकी जानकारी में है कि इंडिगो की उड़ानें रद्द होने का फायदा उठाकर कुछ एयरलाइनें भारी-भरकम किराये वसूल रही हैं। मंत्रालय ने कहा है कि किसी तरह की अनियमितता दिखने पर "सुधारात्मक कार्रवाई" की जायेगी।

मंत्रालय ने इंडिगो से कहा है कि वह बिना किसी देरी के सभी प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दे। रद्द या प्रभावित उड़ानों के मामले में रिफंड का काम रविवार 07 दिसंबर 2025 को रात आठ बजे तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसमें देरी होने पर नियामक कार्रवाई की जायेगी। साथ ही, इंडिगो संकट के प्रभावित यात्री अगर अपनी यात्रा की तारीख या समय में बदलाव करते हैं तो उनसे कोई रिशिड्यूलिंग चार्ज न लेने की सलाह दी गयी है।

इंडिगो से रिफंड के काम की देखरेख के लिए अलग से एक प्रकोष्ठ बनाने के लिए कहा गया है। यह प्रकोष्ठ स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सक्रिय रहेगा।

एयरलाइंस से कहा गया है कि जिन यात्रियों ने बैगेज चेक-इन करा लिया था उसके बाद उनकी उड़ान रद्द हो गयी या उसमें देरी हुई, उनके बैगेज यात्री के घर पर या उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये पते पर भिजवा दिये जाएं।

मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

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