चंडीगढ़ , मार्च 05 -- पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ बलजीत कौर ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार ने 2022 से 2026 के बीच सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

डॉ. कौर ने बताया कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, मान सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े 5.2 लाख से अधिकनये पंजाबियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में जोड़ा है। अब तक लगभग 35.7 लाख बुजुर्गों, निराश्रितों, विधवा महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को 23,102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। पिछली सरकारों की प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमी को सुधारते हुए, सरकार ने पेंशन रिकॉर्ड का व्यापक सत्यापन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान 1.9 लाख से अधिक मृत या अस्तित्वहीन पेंशनभोगियों की पहचान कर उन्हें हटाया गया। इस सुधार और मजबूत सत्यापन प्रणाली से सरकारी खजाने में सालाना 350 करोड़ रुपये से अधिक की बचत सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकों में निष्क्रिय पड़े लगभग 450 करोड़ रुपये की रिकवरी की गयी, जो उन लाभार्थियों के खातों में जमा थे, जो अब जीवित नहीं थे या पात्र नहीं थे। यह पैसा अब फिर से सार्वजनिक कल्याण प्रणाली में वापस लाया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 'साडे बुज़ुर्ग साडा माण' अभियान और बुजुर्ग कल्याण राज्यव्यापी अभियान के तहत 20,110 से अधिक बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया। शिविरों के माध्यम से उन्हें मुफ्त आंखों और ईएनटी की जांच, मोतियाबिंद स्क्रीनिंग, चश्मा वितरण, हड्डी रोग परामर्श और मौके पर ही पेंशन सुविधा प्रदान की गयी। बुजुर्गों के लिए बुनियादी ढांचा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए मानसा में 9.12 करोड़ रुपये की लागत से 72 बिस्तरों वाला सरकारी वृद्धाश्रम स्थापित किया गया। चौदह जिलों में वृद्धाश्रम चलाने वाले गैर-सरकारी संगठनों को लगभग सात करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गयी। उन्होंने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 को कड़ाई से लागू किया गया। ट्रिब्यूनल के माध्यम से 1,120 मामलों और अपीलीय ट्रिब्यूनल के माध्यम से 669 मामलों का निपटारा कर बुजुर्गों को समय पर न्याय दिलाया गया। डॉ कौर ने बताया कि महिलाओं की गतिशीलता और सशक्तिकरण के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत हर महीने लगभग 1.20 करोड़ मुफ्त यात्रायें की जा रही हैं। पंजाब सरकार इस योजना पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर चुकी है, जिससे छात्राओं को कॉलेज जाने और कामगार महिलाओं को सुरक्षित सफर में बड़ी मदद मिली है।

आंगनवाड़ी केंद्रों और निजी प्ले-वे स्कूलों में मानक पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों का ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू किया गया है। डॉ. कौर ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा उपेक्षित इन क्षेत्रों को अब शासन की प्राथमिकताओं में रखा गया है, ताकि हर पात्र परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

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