नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लक्षद्वीप के कवरत्ती स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में नौसेना के संयुक्त सेवा बहु-विशेषज्ञता शिविर को संबोधित करते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर दूरस्थ और द्वीपीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन द्वीपों में इस तरह के शिविरों के पहली बार आयोजन का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने अपने वर्चुअल संबोधन में इस पहल को समुद्री सुरक्षा से आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण और मानवीय सहायता में भारतीय नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस शिविर के माध्यम से सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के दल ने उन्नत निदान सुविधाएं और विशेषज्ञ देखभाल सुविधा सीधे लोगों के घर तक पहुंचाई है जिनमें नियोजित शल्य चिकित्सा और मोतियाबिंद के ऑपरेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि व्यापक रूप से जांच, शीघ्र निदान, समय पर चिकित्सा सलाह, चिकित्सा हस्तक्षेप और दवाओं का निःशुल्क वितरण इन द्वीपों के समुदायों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ में योगदान देगा। उन्होंने कहा ," हम स्वस्थ भारत के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हमने न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में भौतिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया है बल्कि आयुष्मान भारत और जन औषधि केंद्रों जैसी पहलों के माध्यम से लोगों के कल्याण का भी ध्यान रखा है।"नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने शिविर का औपचारिक उद्घाटन करते हुए इस पहल को तीन मायनों में अद्वितीय बताया - 'तालमेल', क्योंकि यह शिविर तीनों सेनाओं और स्थानीय प्रशासन के पेशेवरों के साथ मिलकर किया गया एक सच्चा संयुक्त प्रयास है, 'दायरा', क्योंकि इसमें हृदय रोग, नेत्र रोग, मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा, गुर्दे की बीमारी, तंत्रिका विज्ञान, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, त्वचा रोग और अंतःस्रावी रोग जैसे विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी है और 'व्यापकता' क्योंकि इस शिविर के लिए बड़ी संख्या में चिकित्सा जगत के पेशेवरों और सहायक कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की संयुक्त पहल सेवाओं के बीच आपसी तालमेल और नागरिक-सैन्य सहयोग को मजबूत करती है और साथ ही नागरिकों के कल्याण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
उद्घाटन समारोह के बाद नौसेना प्रमुख ने मरीजों से बातचीत की और मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा के लाभार्थियों को चश्मे, आई ड्रॉप और दवाइयां सौंपीं। उद्घाटन समारोह में दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, प्रशासक के सलाहकार साई बी दीपक के साथ-साथ सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधि और स्थानीय जनता के बीच से भी लोग उपस्थित थे।
रक्षा मंत्री की परिकल्पना के अनुसार भारतीय नौसेना पांच द्वीपों - अमिनी, एंड्रोथ, अगत्ती, कवरत्ती और मिनिकॉय - में बहु-विशेषज्ञता शिविर आयोजित कर रही है ताकि वहां के निवासियों को व्यापक चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके तथा अधिकतम पहुंच और सुगमता सुनिश्चित की जा सके। जिन रोगियों को आवश्यकता है, उनके मोतियाबिंद की सर्जरी करने के लिए कवरत्ती में एक समर्पित नेत्र रोग टीम तैनात की गई है।
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