पटना , दिसंबर 22 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सोमवार को कहा कि राज्य में नवजात एवं पांच वर्ष तक के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर कई सेवाएं उपलब्ध करायी गई है।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू), नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) सहित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एनआरसी के माध्यम से राज्य में कुपोषण की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया गया है। अब तक पोषण पुनर्वास केंद्रों में केवल चिकित्सीय जटिलता युक्त गंभीर तीव्र कुपोषण (सैम) से पीड़ित बच्चों को ही भर्ती किया जाता था। अब इन पोषण पुनर्वास केंद्रों में चिकित्सीय जटिलतायुक्त मध्यम तीव्र कुपोषित (मैम) बच्चों को भी भर्ती किया जाएगा। इस पहल के जरिए मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण संबंधी सहायता देकर सैम में परिवर्तित होने से रोका जा सकेगा। राज्य में कुल 41 एनआरसी संचालित हैं।

श्री पांडेय ने कहा कि मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों में रिकेट्स, अनीमिया और विटामिन की कमी या अन्य चिकित्सीय जटिलताएं पाई जाती है। इस कारण उनके सैम में परिवर्तित होने का जोखिम अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि सभी स्तर के स्वास्थ्य संस्थान एवं समुदाय स्तर पर चिकित्सीय जटिलता युक्त मैम बच्चों की स्क्रीनिंग एवं पहचान कर पोषण पुनर्वास केंद्र पर भेजा जाएगा। पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के पोषण स्तर में सुधार,आवश्यक आहार,वजन वृद्धि, संक्रमण दर में कमी को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएगें, जिससे पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में कुपोषण से होने वाली मृत्यु एवं बीमारी में कमी लाने महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।

श्री पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से जारी निर्देशों के आधार पर सभी मेडिकल कॉलेज एवं जिला स्वास्थ्य समिति को मैम संबंधित निर्देश भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सीय जटिलता युक्त मैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर उनकी प्रगति प्रतिवेदन प्रति माह विभाग को ससमय उपलब्ध करायी जाएगी। यह कदम बिहार में कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा, क्योंकि मैम श्रेणी के बच्चों का इलाज समय पर होने से वे सैम की खतरनाक श्रेणी में नहीं जाएंगे।

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