पटना , जनवरी 10 -- बिहार राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शनिवार को कहा कि सरकार की फिजूलखर्ची के कारण बिहार पर तीन लाख करोड़ से ऊपर का कर्जा है और इस हिसाब से प्रदेश का हर व्यक्ति के उपर 25 हजार कर्ज का बोझ बनता है।
श्री यादव ने आज यहाँ आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बिहार में खजाने को लुटाने की साजिश कर रही है और इस वजह से प्रतिव्यक्ति बिहार पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रदेश में महिलाओं को दस हजार रुपए दिए गये और अब उन्हीं महिलाओं को दो लाख रुपए और देने का वादा पूरा करना है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि सरकार यदि महिलाओं को दो लाख की राशि देने का वादा पूरा करती है तो इस पर दो लाख 70 हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ आएगा। उन्होंने कहा कि इसमें वेतन मद का एक लाख 05 हजार रुपया जोड़ दें तो दोनों मिलाकर 3:45 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता पड़ेगी ,जबकि बिहार का कुल बजट 3 लाख करोड रुपए का ही है।
श्री यादव ने कहा कि सरकार खजाने के खर्चे पर श्वेत पत्र जारी करे और सच्चाई से बिहार की जनता को अवगत कराए, जिससे इस फिजूलखर्ची के बारे में प्रदेश की जनता अवगत हो सके। बिहार में होने वाले फिजुलखर्ची के कारण लोगों में इस बात की चर्चा है कि आखिर बिहार निवास को तोड़कर फिर से बनाने में सरकार की मंशा क्या है।
राजद प्रवक्ता ने सिर्फ 32 वर्ष पुराने बिहार निवास को तोड़ने के फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस भवन की उम्र अभी तोड़ने लायक नही है । उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा सिर्फ भवन से लालू प्रसाद का नाम शिला पट्ट से हटाने के लिए कर रही है । उन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्रवाई ईर्ष्या और जलन से प्रेरित है।
इस संवाददाता सम्मेलन में राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, श्रीमती मधु मंजरी, अरुण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता उपेन्द्र चंद्रवंशी मौजूद थे।
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