रायगढ़ , नवंबर 18 -- ) छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति से किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव देखा गया है।
राज्य में गत 15 नवंबर से धान की खरीदी शुरू हो गयी है। सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।
ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर मंगलवार को विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।
किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है।
किसानों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित