सांगली , अप्रैल 17 -- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को कहा कि 'छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान समाधान शिविर' समाज के अंतिम वर्ग तक विकास के निर्णयों को पहुंचाने और यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किये जा रहे हैं कि पात्र जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिले।
राजस्व एवं वन विभाग की ओर से आयोजित शिविर में बोलते हुये श्री बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व विभाग के अंतर्गत आवासीय प्रयोजनों के लिये सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के नियमों में सुधार के लिये 45 जन-केंद्रित निर्णय लिये हैं। उन्होंने कहा कि सरकांर का लक्ष्य केवल योजनाओं को लागू करना ही नहीं है, बल्कि उन्हें सीधे नागरिकों तक पहुंचाना है। समाधान शिविर पहल प्रशासन को लोगों के दरवाजे तक लाने का एक प्रयास है। ऐसे शिविर इसलिये आयोजित किये जा रहे हैं ताकि नागरिकों को अपनी राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिये कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने निर्देश दिये कि छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर जन-केंद्रित और गतिशील प्रशासन लागू किया जाना चाहिये। इसके लिये विभागाध्यक्षों को हर 15 दिन में एक बार व्यक्तिगत दौरों के माध्यम से गांवों के नागरिकों के साथ संवाद करना चाहिये।
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