अमृतसर , जनवरी 01 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गुरुवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र रूपों से संबंधित मुद्दे पर पंजाब सरकार द्वारा की रही राजनीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार दोहरी नीति अपनाकर सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि एक ओर भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में बेअदबी की घटनायें लगातार सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर इन गंभीर मामलों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए एसजीपीसी के आंतरिक प्रशासनिक मामलों में जानबूझकर हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को खुश करने और मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए ऐसी राजनीति कर रहे हैं। पंजाब सरकार बरगाड़ी हत्याकांड और अन्य बेअदबी की घटनाओं में न्याय दिलाने में बुरी तरह विफल रही है। सरकार न केवल दोषियों को दंडित करने में नाकाम रही है, बल्कि बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम भी नहीं उठाये गये हैं।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी सिख पंथ की एक निर्वाचित संस्था है, और इसकी स्वतंत्र सत्ता और संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन करते हुए, मान सरकार किसी एजेंडे के तहत अल्पसंख्यक सिखों की इस केंद्रीय संस्था को कमजोर करने की नीति पर काम कर रही है। किसी भी सरकार के लिए जानबूझकर एसजीपीसी के प्रशासनिक मामलों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना और विभाजनकारी राजनीति में लिप्त होना किसी भी तरह से उचित नहीं है।
श्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार को एसजीपीसी द्वारा जब्त की गये 328 पवित्र मूर्तियों के मामले में राजनीति करना बंद कर देना चाहिए और समिति को इस संबंध में एक भयंकर संघर्ष में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।
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