देहरादून , दिसंबर 06 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि हाल ही में जारी एक ऑडियो की सत्यता को जानने के लिए एसआईटी का गठन कर लिया गया है।

उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड मे सामने आए घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंकिता की हत्या एक संवेदनशील और हृदय विधायक घटना थी, और इस घटना से हम सब बहुत आहत हुए।

उन्होंने कहा कि जब यह घटना घटी थी, उस दौरान भी वो राज्य के मुख्य सेवक थे, जैसे ही उनको इस घटना की जानकारी मिली तभी उन्होंने पुलिस और प्रशासन को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिये थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जिस स्थान पर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था वहां से अंकिता के शव को भी बरामद कर लिया था।

कानूनी रूप से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस प्रकरण में एक महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी जांच गठित की गई। एसआईटी ने हर पहलूओं पर जांच की, जिन लोगों को इस केस के बारे में जो भी जानकारियां थी,एसआईटी उन सभी लोगों से मिली, सरकार की तरफ से संचार के माध्यम से यह भी प्रचारित किया गया, कि इस घटना से जुड़े तथ्य यदि किसी के पास हैं, तो उसे एसआईटी को उपलब्ध करवाये।

श्री धामी ने कहा कि इस प्रकरण में लगातार कार्रवाई चलती रही और सरकार की मजबूत पैरवी के परिणाम स्वरूप तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई।

उन्होंने कहा कि अब एक ऑडियो का प्रकरण सामने आया है। इस ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सरकार इस मामले में हर जांच करने को तैयार है। यदि कोई दोषी होगा तो वह छूटेगा नहीं। वह अंकिता के माता-पिता से से बात करेंगे और वह जो चाहेंगे सरकार उस दिशा में निर्णय लेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए और सरकार का स्पष्ट मानना है कि अगर कोई गलत काम करेगा तो वह किसी कीमत पर छूट नहीं पाएगा। लेकिन इस ऑडियो में कई सारे बातें कही गई है। एक- दो ऑडियो की बातचीत वायरल होने के बाद सीधे प्रेस कांफ्रेंस दिल्ली में कर दी जाती है। इस भ्रम की स्थिति से अंकिता के परिजनों को कष्ट उठाना पड़ा हैउन्होंने कहा कि ऑडियो जारी करने वाले कहां है, किसी को नहीं पता। उनको सामने आना चाहिए और बताना चाहिए कि उन्होंने किस आधार पर यह सब कहा है।

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