जयपुर , जनवरी 05 -- भविष्य के शहर अब केवल बुनियादी ढांचे से परिभाषित नहीं होते, बल्कि वे उस इकोसिस्टम से परिभाषित होते हैं जो सरकार, उद्यम, स्टार्टअप और प्रतिभाओं के संयुक्त प्रयासों से तैयार किए जाते हैं।

जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के दूसरे दिन सोमवार को दूसरे सत्र में बिल्डिंग सिटीज ऑफ द फ्यूचर: इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट एंड ग्लोबल हब्स' सत्र में दुबई इंटरनेट सिटी के प्रबंध निदेशक अम्मार अल मलिक और टाई दुबई के चेयरमैन प्रशांत के. गुलाटी की चर्चा में यह बात कही । श्री मलिक ने आधुनिक शहरों के नवाचार, निवेश और वैश्विक संपर्क के शक्तिशाली इंजन के रूप में विकसित होने पर चर्चा की।

श्री मलिक ने बताया कि इकोसिस्टम डिजाइन करने से किसी भी शहर की वैश्विक हब बनने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सफल नवाचारी जिले 'ईज ऑफ डुइंग बिजनेस' तथा दीर्घकालिक सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से तैयार होते हैं, न कि अल्पकालिक रियल एस्टेट विकास पर। उन्होंने विशेष रूप से दुबई इंटरनेट सिटी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप और वैश्विक उद्यमों को क्लस्टर करके सहयोग और आर्थिक विकास को तेज किया गया है।

उन्होंने दुबई को नवाचार मॉडल बताते हुए कहा कि यह मॉडल शहरों को भविष्य के लिए तैयार करने में एक प्रेरणा का काम कर सकता है।

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