पटना , जनवरी 05 -- कृषि विभाग सरकारी अनुदान पर मखाना क्षेत्र विस्तार (खेत प्रणाली) योजना के तहत इच्छुक किसान 15 जनवरी तक बिहार कृषि ऐप या उद्यान निदेशालय की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के लिये वही किसान पात्र होंगे जो विभागीय डीबीटी पोर्टल पर पहले से पंजीकृत हैं।
योजना के तहत मखाना की खेती के लिये निर्धारित इकाई लागत 0.97 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर रखी गई है। इसमें बीज, अन्य आवश्यक इनपुट और हार्वेस्टिंग तक की लागत शामिल है। पहले वर्ष में किसानों को 36,375 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जायेगा। इसमें बीज की राशि बीज प्राप्त करने के बाद सीधे संबंधित आपूर्तिकर्ता को और शेष राशि पौध रोपण के बाद किसानों के खाते में दी जायेगी। एक किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम पांच एकड़ (2 हेक्टेयर) तक इस योजना का लाभ उठा सकता है।
इसके साथ ही मखाना बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये उन्नत प्रभेद 'स्वर्ण वैदेही' और 'सबौर मखाना-1' के बीज उत्पादन की व्यवस्था की गई है। मखाना बीज वितरण योजना के तहत अनुशंसित बीजों पर किसानों को अधिकतम 225 रुपये प्रति किलोग्राम तक अनुदान दिया जायेगा। यदि बीज की कीमत इससे अधिक होती है तो अतिरिक्त राशि किसान स्वयं वहन करेंगे।
यह योजना राज्य के 16 प्रमुख जिलों कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में लागू की जायेगी।
सरकार की इस पहल से बिहार में मखाना की खेती का रकबा बढ़ने की पूरी उम्मीद है। उन्नत बीजों, आधुनिक तकनीक और आर्थिक सहायता से न केवल मखाना उत्पादन को नई गति मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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