चंडीगढ़ , जनवरी 02 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिये हैं कि समाधान शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जायें, जिससे लोगों को शिविरों के आयोजन का दिन और समय स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके और वे अपनी समस्याएं दर्ज करवा सकें।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश चंडीगढ़ में आयोजित समाधान शिविर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये। बैठक में सभी जिला उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों को जिला उपायुक्त अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ आगे भेजें और जब तक किसी शिकायत का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसे जिला स्तर पर लंबित रखा जाये। बैठक में जानकारी दी गयी कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक पिछले छह महीनों में कुल 17,699 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। तय समय सीमा में शिकायतों के निपटान पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य में भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और वीरवार को पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किये जाते हैं, जिनमें नागरिक अपनी समस्यायें दर्ज करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविरों में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाये। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला अंबाला के एक गांव में पानी की निकासी से संबंधित शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त अंबाला को शीघ्र समाधान के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिये। इस समिति में संबंधित विभाग के एक्सईएन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा मार्केट कमेटी के एक कर्मचारी को शामिल करने के निर्देश दिये गये।
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