जोधपुर , जनवरी 09 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि माहेश्वरी वैश्विक सम्मेलन केवल धार्मिक या सामाजिक आयोजन नहीं है, बल्कि व्यापारिक सहयोग, प्रोफेशनल नेटवर्किंग, युवाओं के नेतृत्व विकास, महिला सशक्तीकरण और समाज में व्याप्त चुनौतियों के समाधान के लिए भी कारगर साबित होगा।
श्री शेखावत शुक्रवार को यहां अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के माहेश्वरी वैश्विक सम्मेलन में कहा कि जिस प्रकार श्रीकृष्ण के विराट रूप ने अर्जुन को प्रेरणा और आत्मबल दिया, उसी प्रकार यह माहेश्वरी महाकुंभ समाज के युवाओं में आत्मविश्वास, लक्ष्यबोध और नयी ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि देश-विदेश में बसे माहेश्वरी समाज का कोई भी बच्चा इस महाकुंभ से प्रेरित हुए बिना नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज ने वर्ष 2030 तक 100 से अधिक सिविल सर्वेंट तैयार करने और एक लाख से ज्यादा उद्यमिता के अवसर सृजित करने का जो लक्ष्य रखा है, वह उसी 'विराट दृष्टि' का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आर्थिक योगदान का अपना महत्व है, लेकिन समाज के करीब 40 हजार लोगों द्वारा अपने समय का दान देना सबसे बड़ी पूंजी है। यही समर्पण किसी भी समाज को आगे बढ़ाने का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी देश या दुनिया में कहीं प्रवास का अवसर मिलता है, माहेश्वरी समाज हमेशा परिवार की तरह उनके साथ खड़ा रहा है। समाज का यह विश्वास, अपनापन और प्रेम उनके लिए अत्यंत मूल्यवान है और यही सामाजिक एकता भारत की असली शक्ति है।
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