पटना , नवंबर 08 -- चुनाव आयोग (ईसी) के निर्देश पर शनिवार को बिहार के समस्तीपुर जिले में कूड़े के ढे़र से बड़ी संख्या में वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) पर्चियाँ मिलने के मामले में दो सहायक निवार्चन पदाधिकारियों मोहम्मद महताब अंसारी और सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी सह जिला निवार्चन पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि इस सम्बंध मे समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

श्री कुशवाहा ने बताया कि समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधान सभा क्षेत्र के डिस्पैच सेंटर में कमीशनिंग के दौरान किये गए माँक पोल की पर्चियां जिले के गुड़मा गांव में सड़क किनारे पाई गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले मे लापरवाही बरतने वाले सहायक निवार्चन पदाधिकारी सह विधापतिनगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद महताब अंसारी और सरायरंजन के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

ज़िला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि घटनास्थल से कई कटी हुई और कुछ बिना कटी हुई पर्चियाँ बरामद की गईं। उन्होंने कहा कि कमीशनिंग के दौरान सभी उम्मीदवारों के चुनाव चिन्हों की लोडिंग की पुष्टि के लिए 05 प्रतिशत मशीनों पर 1,000 वोट डालकर मॉक पोल किया जाता है। इन पर्चियों के स्रोत और समय की पुष्टि विस्तृत जाँच के बाद की जाएगी।

इसके पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि मामला संज्ञान में आने के बाद समस्तीपुर के ज़िला अधिकारी रोशन कुशवाहा को घटनास्थल का दौरा करने और घटना की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया था। आयोग ने इस बात की पुष्टि की थी कि बरामद पर्चियाँ इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) चालू करने के दौरान किए गए मॉक पोल की थीं, न कि वास्तविक मतदान की। आयोग के अनुसार चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को इसकी जानकारी दे दी गयी थी।

उल्लेखनीय है कि जब मतदाता अपने मतदान का प्रयोग करते हैं तो वीवीपैट मशीन एक पर्ची प्रिंट करती है, जिस पर मतदान का विवरण होता है। यह पर्ची वहीँ बॉक्स में संग्रहित हो जाती है और किसी विवाद की स्थित्ति में इन पर्चियों का मिलान ईवीएम में दर्ज वोटों से किया जाता है। यही वजह है कि इन पर्चियों के बाहर मिलने से सनसनी फैल गयी थी और चुनाव आयोग को हरकत में आना पड़ा था।

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