नयी दिल्ली , नवंबर 19 -- सभी बैंकों के लिए 01 जनवरी 2025 से '1600' नंबर सीरीज अपनाना जरूरी हो गया है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को बताया कि उसने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा नियमित सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य रूप से '1600' नंबर सीरीज अपनाने की समय सीमा तय कर दी है।
उसने बताया कि सभी सार्वजनिक, निजी और विदेशी बैंकों के लिए यह समय सीमा 01 जनवरी 2026 तय की गयी है। वहीं, 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परिसंपत्ति वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को 01 फरवरी से अनिवार्य रूप से '1600' नंबर सीरीज को अपना होगा। अन्य एनबीएफसी, सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और छोटी इकाइयों के लिए यह समय सीमा 01 मार्च होगी।
सेबी द्वारा नियमित इकाइयों में म्यूचुअल फंड एवं परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को 15 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से '1600' नंबर सीरीज अपनाना होगा। मान्यता प्राप्त शेयर ब्रॉकरों के लिए यहह समय सीमा 15 मार्च होगी। सेबी के पास पंजीकृत अन्य इकाइयां भी ऐच्छिक रूप से इस विशेष नंबर सीरीज को अपना सकती हैं।
पीएफआरडीए द्वारा विनियमित इकाइयों में केंद्रीय रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसियों और पेंशन फंड मैनेजरों को भी 15 फरवरी 2026 से '1600' नंबर सीरीज की अनिवार्य रूप से अपनाने के लिए कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि '1600' नंबर सीरीज लागू करने का उद्देश्य बैंकों तथा दूसरी मान्यता प्राप्त एजेंसियों के कॉल को आम टेली मार्केटिंग कॉल से अलग पहचान प्रदान करना है। इससे लोगों को धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिल सकेगी।
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