अमृतसर , जनवरी 03 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार, ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने शनिवार को कहा कि सरकार को देश के कानूनी ढांचे के तहत सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों के सम्मान और पवित्रता को बनाये रखने के लिए एक सख्त कानून बनाना चाहिए।
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह के आदेश के अनुसार, सिख श्री गुरु ग्रंथ साहिब को जीवित, शाश्वत गुरु मानते हैं, इसलिए, सरकारों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के संबंध में विशेष कानूनी प्रावधान करने की सख्त ज़रूरत है, ताकि दोषियों को कड़ी सज़ा दी जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में शरारती तत्वों द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की बार-बार घटनायें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकारें इन हरकतों को रोकने और सिख संगत को न्याय दिलाने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर पुलिस या तो मानसिक स्वास्थ्य या ऐसे ही अन्य बहाने बताकर आरोपियों को कुछ समय बाद रिहा कर देती है, या आरोपियों को पेश करने में भी नाकाम रहती है, जिसके परिणामस्वरूप सिख संगत को न्याय नहीं मिल पाता और उनके मन में रोष पैदा होता है।
इन बेअदबी की घटनाओं के पीछे छिपी ताकतों द्वारा सिख विरोधी साजिशों पर सवाल उठाते हुए, जत्थेदार ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिस पर गहराई से सोचने और विचार करने की ज़रूरत है कि ऐसे लोग बार-बार बेअदबी की हरकतों के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब या गुरुद्वारा साहिब को ही क्यों निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में, पहले की बैठकों को जारी रखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी केमुद्दे पर जल्द ही और चर्चाएं होंगी, ताकि पूरा सिख पंथ एकजुट हो सके और ऐसी हरकतों को खत्म करने के लिए एक ठोस और प्रभावी नीति के ज़रिए इस मुद्दे का समाधान किया जा सके।
ज्ञानी कुलदीप सिंह ने पूरी सिख संगत और सिख संस्थाओं से अपील की है कि वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर लंबे समय से समाना में संघर्ष कर रहे गुरजीत सिंह के समर्थन में संगत द्वारा सचखंड श्री दरबार साहिब ले जाये जा रहे नगर कीर्तन में ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा लें और समर्थन दें।
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