पटना , दिसंबर 03 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सरकारी जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण का संज्ञान लेते हुए सभी जिलों में 'लैंड बैंक' बनाने की घोषणा की है।
श्री सिन्हा ने आज लगातार दूसरे दिन विभागीय कार्यों की विस्तृत और गहन समीक्षा की। अपने कार्यालय कक्ष में हुई इस बैठक में उन्होंने विभागीय कानूनों, विशेषकर बिहार पब्लिक लैंड इंक्रोचमेंट एक्ट 1956 पर विस्तृत चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण के मामलों में केवल अतिक्रमणकर्ता ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी जिम्मेवार हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों की लापरवाही से अतिक्रमण होता है और बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे हटाया जाता है, जिससे गरीब जनता परेशान होती है।
श्री सिन्हा ने निर्देश दिया कि अतिक्रमण रोकने और मुक्त कराने की संयुक्त जिम्मेवारी तय हो। उन्होंने कहा कि जांच कर गैर जिम्मेवार अधिकारियों की जवाबदेही स्थापित की जाए और जरूरत पड़ने पर उनसे वसूली की कार्रवाई हो। स्थानीय थाना और अंचल प्रशासन ईमानदारी से कार्य करें ताकि अतिक्रमण की स्थिति ही न बने।
उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने सरकारी जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण का संज्ञान लेते हुए सभी जिलों में 'लैंड बैंक' बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कई जिलों में सरकारी जमीन पर कब्जे की व्यापक शिकायतें मिल रही हैं। इसके समाधान के लिये विशेष टीम गठित कर सत्यापन और निगरानी की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने अंचलाधिकारी से लेकर प्रमंडलीय आयुक्त स्तर तक के राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार केस निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। अत्यधिक पेंडिंग वाले न्यायालयों में अस्थायी तौर पर अतिरिक्त अधिकारी की तैनाती की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ित जनता को बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने की मजबूरी अस्वीकार्य है।
श्री सिन्हा ने बैठक में जिलों के गजेटियर निर्माण की समीक्षा करते हुए बताया कि सारण जिले का गजेटियर तैयार है, पटना और दरभंगा का गजेटियर अंतिम चरण में है, सहरसा और पूर्णिया प्रमंडल के सात जिलों का कार्य प्रगति पर है।उन्होंने कहा कि गजेटियर किसी भी जिले की संपूर्ण जानकारी का प्रामाणिक दस्तावेज होता है, इसलिए सभी जिलों में इसका प्रकाशन विभाग की प्राथमिकता है।
बैठक की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तीनों निदेशालयों चकबंदी, भू-अभिलेख एवं परिमाप और भू-अर्जन के कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की तथा सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन का निर्देश दिया।
बैठक में विभाग के प्रधान सचिव सी.के अनिल, सचिव जय सिंह, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, चकबंदी निदेशालय के निदेशक राकेश कुमार, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे.प्रियदर्शिनी ,भू-अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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