तिरुवनंतपुरम , फरवरी 03 -- सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले की जांच में कथित खामियों को लेकर विपक्ष के कड़े विरोध के बाद मंगलवार को केरल विधानसभा का कामकाज प्रभावित हुआ, जिसके कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे की शुरुआत प्रश्नकाल के दौरान हुई जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के सदस्य नारेबाजी करते हुए तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए। विपक्ष ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की सरकार पर विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
जैसे-जैसे विरोध बढ़ता गया, कुछ विपक्षी विधायकों ने अध्यक्ष के मंच तक पहुंचने की कोशिश की, जिससे तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गयी। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए 'वॉच एंड वार्ड' कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया। अध्यक्ष ए. एन. शमसीर द्वारा व्यवस्था बहाल करने की बार-बार की गई अपीलों के बावजूद, निरंतर हंगामे के कारण उन्हें कार्यवाही स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एसआईटी पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आरोप पत्र दाखिल करने में देरी हो रही है और कुछ आरोपियों को वैधानिक जमानत प्राप्त करने की अनुमति मिल रही है।
यूडीएफ का कहना था कि सरकार मंदिर के सोने की कथित चोरी में शामिल लोगों को बचा रही है और उसने पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विपक्ष के आचरण की कड़ी आलोचना की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण तथा विधायिका की गरिमा के विरुद्ध बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच कानून के अनुसार और न्यायिक निगरानी में आगे बढ़ रही है। उन्होंने हस्तक्षेप के आरोपों को निराधार बताकर खारिज कर दिया।
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