कोच्चि , जनवरी 07 -- सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मामला दर्ज करने की मंजूरी दे दी है, जिससे ईडी इस घटना से जुड़े संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग की विस्तृत जांच शुरू कर सकेगी।
मंजूरी मिलने के बाद ईडी की कोचि इकाई एक जांच अधिकारी नियुक्त करेगी और मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करेगी।
जांच के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है और एजेंसी सबसे पहले मुख्य आरोपी से पूछताछ करेगी, जिनमें वर्तमान में हिरासत में मौजूद उन्नीकृष्णन पोत्ती भी शामिल हैं। जांच के हिस्से के रूप में ईडी उन सभी व्यक्तियों के बयान दर्ज करेगी, जिनसे पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूछताछ की थी। एजेंसी का फोकस सबरीमाला मंदिर में कार्यों के लिए इस्तेमाल किये गये सोने की कथित गबन से जुड़े वित्तीय लेन-देन का पता लगाने पर होगा।
ईडी ने पिछले साल अक्टूबर में संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू की थी। इसके बाद उसने कोल्लम सतर्कता अदालत से मामले के रिकॉर्ड मांगे थे। एसआईटी की आपत्तियों के बावजूद, अदालत ने 19 दिसंबर 2025 को सभी संबंधित दस्तावेज ईडी को सौंपने का निर्देश दिया था।इन रिकॉर्ड की जांच के बाद ईडी ने केंद्र से औपचारिक मंजूरी मांगी थी, जो अब मिल गयी है। जांच में मुख्य आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की छानबीन की जाएगी, जिनमें चेन्नई की स्मार्ट क्रिएशंस के पंकज भंडारी और बेल्लारी के ज्वेलर गोवर्धन आदि शामिल हैं।
पूर्व देवस्वोम बोर्ड अधिकारियों और एसआईटी जांच में जिन अन्य लोगों के नाम सामने आये हैं, उनसे भी पूछताछ होने की उम्मीद है, क्योंकि ईडी कथित अपराध से लाभान्वित होने वालों की पहचान करने और धन के लेन-देन का पता लगाने का काम कर रही है।
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