तिरुवनंतपुरम , जनवरी 11 -- सबरीमला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने में अनियमितता के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गये मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) कंदारारू राजीवरू को डॉक्टरों ने उनकी सेहत में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी है जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है।
तिरुवनंतपुरम विशेष उप-जेल में बंद राजीवरू को हिरासत में स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्वस्थता की शिकायत के बाद उन्हें तिरुवनंतपुरम के सरकारी अस्पताल में भेजा गया था।
उन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत थी, इसलिए बाद में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में स्थानांतरित कर दिया गया। शनिवार को उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, राजीवरू उच्च रक्तचाप और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने उन्हें नियमित रूप से निगरानी में रखा। उपचार और विस्तृत चिकित्सा मूल्यांकन के बाद उनकी स्थिति स्थिर पायी गयी। इसके बाद चिकित्सा दल ने उन्हें छुट्टी दे दी।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद राजीवरू को तिरुवनंतपुरम विशेष उप-जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां वह न्यायिक हिरासत में बने रहेंगे।
कंदारारू राजीवरू को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर में सोने की परत लगाने के कार्यों में अनियमितताओं की जांच के लिए गिरफ्तार किया है।
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि मंदिर के कुछ ढांचों, जिनमें द्वारपालक भी शामिल हैं, पर सोने की परत चढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया सोना, मंदिर के पुराने रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन कर हटा दिया गया और उसका गलत इस्तेमाल किया गया।
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