जयपुर , नवम्बर 11 -- राजस्थान में जयपुर सैन्य छावनी में मंगलवार को सप्त शक्ति कमान की ओर से 'भविष्य के संघर्षों का सामना करने के लिये 'सम्पूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण' विषय पर आयोजित सुरक्षा समन्वय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

रक्षा सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह सम्मेलन सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज़, नयी दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विचारों को कार्यान्वयन में परिवर्तित करना और सूचना अभियानों में सम्पूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण पर विचार करते हुए भारत की भावी रणनीतिक रूपरेखा तैयार करना था।

सूत्रों ने बताया कि दूसरे दिन के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सूचना, साइबर और प्रभाव संचालन के लिए एक सुदृढ़ ढांचे के निर्माण पर चर्चा हुई। इसमें भारत के सूचना परिदृश्य की कमजोरियों का विश्लेषण, वैश्विक प्रवृत्तियों का अध्ययन, राष्ट्रीय सोच को सुदृढ़ करने, दुष्प्रचार और पारम्परिक खतरों से निपटने के उपायों पर विमर्श किया गया। सत्र में प्रतिष्ठित मीडिया विशेषज्ञों, विद्वानों, सोशल मीडिया विश्लेषकों, वरिष्ठ अधिकारियों और साइबर युद्ध क्षेत्र के विषय-विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किये।

सूत्रों ने बताया कि चर्चा के दौरान सूचना युद्ध के बदलते स्वरूप पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया, जिसमें सूचना के तीव्र सैन्यीकरण, संज्ञानात्मक क्षेत्र पर प्रभाव डालने की नवीन रणनीतियां और सोशल मीडिया मंचों और सर्च इंजनों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। साथ ही, भू-राजनीतिक परिस्थितियों के प्रभाव को भी गहराई से समझने का प्रयास किया गया। विचारोत्तेजक प्रश्नों और सार्थक विमर्श की इस चर्चा में पेशेवर संस्थानों के छात्रों की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।

सत्र में राज्य स्तर पर सम्पूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण के सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिये एक मॉडल ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें सैन्य बलों, विभिन्न सरकारी विभागों और नागरिक समाज के बीच समन्वय के माध्यम से मिश्रित और पारंपरिक खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की गयी।

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