कानपुर , अप्रैल 08 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर की औद्यागिक नगर की पहचान वापस दिलाने का वादा करते हुये कहा कि उनकी सरकार आने पर कानपुर-इटावा-कन्नौज को ट्रेड ट्राइंगल के रूप में विकसित किया जाएगा। कानपुर में दो अलग अलग कार्यक्रमों में शिरकत करने आये श्री यादव ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, " कानपुर की लाल इमली कारखाना को चलाया जाएगा। लाल इमली कारखाना, लाल टोपी वाले ही चला सकते है। हम कानपुर के विकास को गति देंगे।"उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने कानपुर में विकास के बहुत काम किये थे। कानपुर में मेट्रो रेल बनाया। पनकी में बिजली कारखाना, घाटमपुर में निवेली लिग्निाइट बिजली कारखाना, अमूल प्लांट समेत कई कारखाने समाजवादी सरकार ने दिये हैं। ये सब कारखाने समाजवादी सरकार की औद्योगिक नीति के तहत आये थे। श्री यादव ने कहा कि कानपुर रोजगार उद्योग, कारखानों, रिसर्च के मामले आगे हैं। समाजवादी इसे और आगे ले जाएगी। कानपुर में नदियों का बुरा हाल है। भाजपा सरकार ने नदियों में गंदगी और ज्यादा फैला दी है। भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई का झूठा वादा किया था। नदियों की सफाई का आया बजट का बंदरबांट हो गया। नदियों की सफाई नहीं हुई।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार, बेईमानी और लूट के सारे रिकार्ड तोड दिए है। कुछ समय पहले कोडीन सिरप का अवैध कारोबार और भ्रष्टाचार हो रहा था। इधर कानपुर में किडनी कांड चर्चा में है। भाजपा सरकार में अवैध कारोबार बढ़ता जा रहा है। इस सरकार में लोगों की किडनी निकाल ली जा रही है। गरीब अस्पतालों में जाने से डरने लगा है। भाजपा सरकार में हर कार्य में भ्रष्टाचार है। निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी हो रही है। जब हर कार्य में कमीशन ली लाएगी तो गुणवत्ता कैसे रहेगी। बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे समेत प्रदेश की कई सड़कें ऐसी है जो उद्घाटन के साथ ही उखड़ और धंस गयी।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है। मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी के क्षेत्रों में खुलेआम गोलियां चल रही है, हत्याएं हो रही है। एनसीआरबी का आंकड़ा बताता है कि यूपी में महिलाएं-बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। बेटियों के साथ हर दिन अपराध की घटनाएं हो रही हैं। यूपी में कोई भी सुरक्षित नहीं है। यूपी में हर दिन गांजा पकड़ा जा रहा है। इस समय धुंआ-धुआंधर चल रहा हैं लगता है आने वाले समय में ओटीटी पर गांजागंज और धुंआ-धुआधार जैसी फिल्में आ जाएंगी।
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