लखनऊ , दिसम्बर 03 -- मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उत्तरप्रदेश की राजनीति गर्म है। समाजवादी पार्टी (सपा) लगातार निर्वाचन आयोग पर सूची से नाम काटने का आरोप लगा रही है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के जिसका नाम जहां कट रहा हो, वो हमसे आकर मिल लें, उनका नाम दुरस्त करा देंगे।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इसे चुनाव आयोग की सही और आवश्यक कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से मृत लोगों के नाम और दोहरी प्रविष्टियाँ सूची में कायम थीं, जिन्हें हटाकर सूची को पारदर्शी बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चार बार सत्ता में रही, लेकिन मतदाता सूची को दुरुस्त करने पर उतना ध्यान नहीं दिया गया। "जब-जब आयोग ने मतदाता सूची सही करने की बात की, तब-तब इन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया"।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सूची में कई नाम ऐसे भी हैं जिनकी मृत्यु को 5, 10, 12 यहाँ तक कि 15 वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी वे सूची में बने हुए थे। ऐसे नाम स्वाभाविक रूप से हटाए जा रहे हैं। "अगर मृतकों के नाम निकल रहे हैं तो इसमें आपत्ति कैसी?"।

सुभासपा प्रमुख ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदाता रोजगार और अन्य कारणों से शहरों में बस गए और शहरों में भी अपना नाम दर्ज करा लिया। संविधान के अनुसार एक नागरिक का नाम एक ही स्थान पर दर्ज होना चाहिए। ऐसे लोगों के नाम एक जगह सुनिश्चित किए जा रहे हैं ताकि दोहरी प्रविष्टियाँ समाप्त हों।

इसी तरह, जो प्रदेश छोड़कर दिल्ली, पंजाब, कोलकाता या दक्षिण भारत के राज्यों में बस गए, उन्होंने भी वहाँ नाम दर्ज करा लिया। अब उन्हें अपने वास्तविक स्थाई निवास के अनुसार एक ही राज्य में नाम चुनना होगा। "एक ही मतदाता दो-दो जगह मतदान नहीं कर सकता"।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के बाद यदि मतदाता संख्या कम भी होती है तो यह सही और गंभीर आँकड़े का संकेत है। "कुछ लोग कह रहे हैं कि नाम काटा जा रहा है। हम कह रहे हैं कि जिसका नाम गलती से कट रहा हो वह हमसे मिल ले, हम उसका नाम दोबारा जुड़वा देंगे"।

सुल्तानपुर का ज़िक्र करते हुए राजभर ने बताया कि प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है। यदि किसी बूथ पर किसी मतदाता को शिकायत होती है तो जिला अधिकारी और एसडीएम तत्काल समाधान के लिए तैयार रहते हैं। "जनप्रतिनिधि एक फोन करें, समस्या चुटकी में हल होगी"।

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