पुणे , दिसंबर 07 -- महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सत्ता में बने रहने के लिये 'किसी भी स्तर की' राजनीति कर रही है, जिससे ईवीएम प्रक्रिया पर गंभीर संदेह पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक ध्रुवीकरण और वोट चोरी भाजपा की मुख्य रणनीति बन गये हैं। श्री थोराट ने अपील की कि भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना को बचाने के लिये सभी को आगे आना चाहिये। उन्होंने कहा कि पुणे ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक बड़ी भूमिका निभाई थी और अब पुणे की जनता को लोकतंत्र की रक्षा के लिये आगे आना चाहिये।
कांग्रेस नेता थोराट ने यहां बाल गांधर्व रंगमंदिर में 'लोकतंत्र की हत्या और वोट चोरी' नाम की एक विशेष प्रदर्शनी के दौरान कहा कि 2004 से 2014 के बीच उनकी पार्टी ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम और शैक्षिक नीतियां लागू करने के अलावा वैश्विक स्तर पर सराहा गया पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया था।
उन्होंने कहा, "दूसरी ओर, 2014 के बाद से भाजपा ने सत्ता पर कब्जा करने और देश के विकास को पटरी से उतारने के लिये प्रौद्योगिकी, अफवाहों और जाति-आधारित ध्रुवीकरण का इस्तेमाल किया।" उन्होंने राजनीति में धर्म के बढ़ते इस्तेमाल की प्रवृत्ति की आलोचना की और सोनम वांगचुक आंदोलन, हरियाणा के किसानों के विरोध और मुख्य न्यायाधीश पर जूते से हमले जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए तर्क दिया कि समाज की चुप्पी लोकतंत्र की हत्या का कारण बन रही है।
इस मौके पर महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शिवराज मोरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का समन्वय वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन जोशी ने किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई नेता भी उपस्थित रहे।
शिवसेना शहर प्रमुख संजय मोरे ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय मुद्दों पर जन जागरूकता को तेज किया है और यह प्रदर्शनी बताती है कि वोटों को कैसे एक पार्टी की ओर मोड़ा जा रहा है।
पूर्व मेयर प्रशांत जगताप ने कहा कि यह प्रदर्शनी वोट की चोरी और लोकतंत्र के पतन की कठोर वास्तविकता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और वोटर लिस्ट में गलतियों को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
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