आरा , अक्टूबर 25 -- बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उमीदवार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को कहा कि सत्ता पक्ष का समूचा प्रचार लालू-तेजस्वी को गाली देने पर निर्भर है और उनके पास रोजगार, पलायन और प्रदेश के विकास जैसे मुद्दों पर कोई विजन नही है।

राजद नेता ने आज भोजपुर जिले के शाहपुर में कहा कि जुमलेबाजी का समय समाप्त हो गया है और बिहार में अब वहीं सरकार आएगी जो प्रदेश में युवाओं को रोजगार देने के साथ इसे विकास के पथ पर अग्रसर करेगी। उन्होंने कहा की सत्ता पक्ष उनके परिवार को गली दे कर प्रदेश के मूल मुद्दों से लोगों को भटकाने की कोशिश कर रहा है।

श्री यादव ने कहा की बिहार में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को नौकरी और रोजगार देने वाली, किसानों और मजदूरों की देखभाल करने वाली और भ्रष्टाचार तथा अपराध को खत्म करने वाली सरकार चाहिए।

श्री यादव ने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से बिहार और नरेंद्र मोदी 11 साल से केंद्र में काबिज हैं,लेकिन इस दौरान बिहार में एक सुई का भी कारखाना नहीं लगा है। आज चुनाव प्रचार में बड़ी-बड़ी बातें कही जा रही हैं, लेकिन इतने समय तक ये दोनों महानुभाव कहां थे। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इन्हें समझ चुकी है और इस बार के बिहार चुनाव में उनके झांसे में आने वाली नहीं है।

राजद नेता ने गठबंधन के स्थानीय उम्मीदवार राहुल तिवारी की प्रशंसा की और कहा कि उन्हीं के प्रयासों से शाहपुर में डिग्री कॉलेज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार में अपराधी बेलगाम घूम रहे हैं और वही हाल भोजपुर जिले का भी है, जहां रोज गुंडागर्दी और अपराध की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि शराब बंदी प्रदेश में एक अलग तरह की समस्या है और इसे केवल गरीबों के लिए लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जितने भी पैसे वाले हैं, खुलेआम शराब पी रहे हैं और पुलिस गरीबों के घर जाकर उन्हें खींचकर शराब के नाम पर जेल में बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि शराब के कारोबार में मंत्री, थाना पुलिस सब शामिल है और अवैध तरीके से शराब का कारोबार आगे बढ़कर पैसे कमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालत यह है की थाने में जप्त कर रखी गई शराब भी चूहे पी जाते हैं।

श्री यादव ने कहा कि बिहार को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए जो प्रदेश की चिंता करें, गुजरात से आए हुए लोग बिहार का भला नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात में बड़े-बड़े आईटी पार्क बनती है और विकास के कार्य करती है, लेकिन दो गुजराती नेता वोट मांगने बिहार आ जाते हैं।

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