मुंबई , अक्टूबर 26 -- वरिष्ठ हास्य अभिनेता सतीश शाह का रविवार दोपहर बाद शहर के उपनगरीय इलाके विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।

वह 74 वर्ष के थे और शनिवार को उनका निधन हो गया था। कुछ ही महीनों पहले उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। उनके अंतिम संस्कार में फिल्म और टेलीविजन जगत के कई दिग्गज अपने प्रिय कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुये ।

टेलीविजन तथा सिनेमा में यादगार भूमिकाओं के लिए मशहूर और बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग वाले श्री का मुंबई में किडनी फेल्योर के कारण निधन हो गया।

श्री शाह को शनिवार लंच के समय उनके बांद्रा ईस्ट स्थित घर में बेहोश पाया गया था। तत्काल चिकित्सा सहायता और एम्बुलेंस तथा पी.डी. हिंदुजा अस्पताल में दी गई सीपीआर के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचाने में असफल रहे।

उन्होंने इस साल जून में किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था और हाल ही में उन्हें संक्रमण हो गया था।

अंतिम संस्कार के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले, जहां सहकर्मी और मित्रों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनकी मशहूर सीरीज "साराभाई वर्सेज साराभाई"की पूरी कास्ट-रत्ना पाठक शाह, राजेश कुमार, रुपाली गांगुली, सुमीत राघवन और निर्माता जमनादास माजेठिया- उपस्थित थे। इसमें उनके ऑन-स्क्रीन बेटे की भूमिका निभाने वाले राजेश कुमार ने उनकी अर्थी को कंधा दिया और इस नुकसान को "अपने पिता को खोने जैसा"बताया।

अन्य प्रमुख लोगों में जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, जॉनी लीवर, डेविड धवन, दिलीप जोशी, कुणाल कोहली, अशोक पंडित, आंजन श्रीवास्तव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल थे। अभिनेत्री रुपाली गांगुली शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देती नजर आयीं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्री शाह को "हिंदी और मराठी सिनेमा में अपार योगदान देने वाला असाधारण अभिनेता" बताया।

उनके निधन पर अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया है। स्विट्जरलैंड से अनुपम खेर ने अपने पुराने मित्र को "सतीश मेरे शाह" कहकर याद किया। चार दशक से उनके दोस्त जॉनी लीवर, ने कहा कि उन्होंने "एक महान कलाकार और सबसे प्रिय मित्र" खो दिया।

फराह खान ने उन्हें "जानने और काम करने में खुशी देने वाला" बताया, जबकि ऋतिक रोशन ने अपने डेब्यू के दौरान उनकी गर्मजोशी को याद किया। अमिताभ बच्चन, काजोल, सुश्री करीना कपूर, प्रियंका चोपड़ा और आर. माधवन सहित कई लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

एफटीआईआई पुणे के पूर्व छात्र श्री शाह का चार दशकों से अधिक का करियर शानदार रहा और उन्होंने 250 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1978 में "अरविंद देसाई की अजीब दास्तान" से डेब्यू किया और 1983 की व्यंग्यात्मक फिल्म "जाने भी दो यारों" में कमिश्नर डिमेलो की 'लाश की भूमिका' से ख्याति प्राप्त की।

उनकी यादगार फिल्मों में "हम साथ-साथ हैं," "कल हो ना हो," "मैं हूं ना," "कहो ना प्यार है," "दिलवाले दुल्हानिया ले जाएंगे" और "ओम शांति ओम" शामिल हैं। टेलीविजन पर वे 1984 के सिटकॉम "ये जो है जिंदगी" से घर-घर पहुंचे, जिसमें उन्होंने 55 अलग-अलग किरदार निभाए।

उनकी सबसे प्रिय भूमिका "साराभाई वर्सेज साराभाई" में इंद्रवदान साराभाई की रही। यह शो शुरू में 70 एपिसोड के बाद बंद हो गया था, लेकिन कल्ट स्टेटस हासिल करने के बाद 2017 में डिज्नी हॉटस्टार पर लौटा। श्री शाह को इस भूमिका के लिए तीन भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार मिले, जिसे भारतीय टेलीविजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक माना जाता है।

श्री शाह की पत्नी मधु शाह पेशे से एक डिजाइनर हैं और अल्जाइमर रोग से जूझ रही हैं। करीबी मित्र सचिन पिलगांवकर ने खुलासा किया कि श्री शाह ने किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था ताकि वे अपनी पत्नी की देखभाल कर सकें। उनके सभी मित्रों ने उनके साथ बिताए गये पलों को स्नेहपूर्ण बताया ।

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