देहरादून , दिसम्बर 31 -- उत्तराखंड पुलिस के सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने 2025 में जन जागरूकता की सहायता से कुल 21 शिकायती छापेमारी (ट्रैप) प्रकरण में विभिन्न विभागों के 26 आरोपियों को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया, जिनमें छह राजपत्रित एवं 20 अराजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं।
यह जानकारी बुधवार को जाते हुए इस साल के अन्तिम दिन सतर्कता विभाग के निदेशक डॉ वी मुरूगेशन ने संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर प्राप्त शिकायतो पर त्वरित कार्रवाई करते हुये कुल 14 प्रकरणो में विभिन्न विभागों के 17 आरोपियों को रिश्वत ग्रहण करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। जिनमें खुद उनके स्तर से प्रत्येक टीम को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी।
डॉ मुरूगेशन ने बताया कि इस वर्ष सतर्कता विभाग ने पांच खुली जाँच, दो अन्वेषण एवं 21 ट्रैप के प्रकरणों सहित कुल 28 प्रकरणों का निस्तारण किया। जबकि 20 प्रकरणों में अभिसूचना संकलन की कार्रवाई करते हुए आय से अधिक सम्पत्ति की खुली जांच एवं अभियोग पंजीकरण के लिए शासन को आख्या प्रेषित की गयी। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष में सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की गयी सफल पैरवी के फलस्वरूप भ्रष्टाचार के छह प्रकरणों में से तीन प्रकरणों में अभियुक्तों को सजा हुई। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नम्बर 1064 और वेबसाइट से इस वर्ष 2209 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से विजिलेंस एंगल की 470 और नाॅन विजिलेंस एंगल की 1739 थी। उन्होंने बताया कि उक्त प्राप्त विजिलेंस एंगल की शिकायतों में 14 शिकायतों पर ट्रैप की कार्रवाई और दो प्रकरणों मे खुली जांच के लिए शासन प्रेषित की गयी। जबकि 83 प्रकरणों में शिकायतों को आवश्यक कार्यवाही के लिए शासन अथवा सम्बन्धित विभाग को प्रेषित किया गया।
विभ्यह सभी कुल रिश्वत धनराशि रु0 5,94,100/-(पांच लाख चौरानब्बे हजार एक सौ रुपये) ग्रहण करते हुए गिरफ्तार हुए।
सतर्कता विभाग के निदेशक ने बताया कि शिकायतकर्ताओ की फंसी हुई धनराशि को वापस किए जाने के सम्बन्ध में शासन स्तर से 'रिवाल्विंग फंड' की स्थापना की गयी है। उक्त प्रक्रिया में अब तक 15 शिकायतकर्ताओं (10 देहरादून, पांच सैक्टर हल्द्वानी) को कुल 2,47,500 रुपये की राशि वापस की गयी है। उन्होंने भविष्य की कार्य योजना की चर्चा करते हुए कहा कि एक वर्ष से अधिक लम्बित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जायगा। साथ ही, केन्द्रीय जॉच एजेन्सियों के साथ समन्वय स्थापित कर सतर्कता विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित