जालंधर , दिसंबर 18 -- केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर ) के प्रधान अन्वेषक डॉ नरेश पुरोहित ने गुरुवार को बताया कि पिछले एक दशक में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं पैदल चलने वालों की मौतें तीन गुना तथा साइकिल सवारों की 13 प्रतिशत एवं बाइक सवारों की लगभग दोगुनी हो गयीं। इसके उलट कार, बस, ट्रक और ऑटो जैसे अन्य वाहनों से होने वाली मौतों में कमी आयी है।

डॉ पुरोहित ने हाल ही में तैयार कि गयी अपनी शोध रिपोर्ट के आधार पर बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2023 में सड़क हादसों में 45 प्रतिशत मौतें दोपहिया वाहन सवारों की हुईं थीं। 2014 में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत था। उन्होंने बताया कि देश में बाइक सवारों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। 2014 में सड़क हादसों में हर घंटे औसतन पांच बाइक सवारों की मौत हुई थी तो 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर नौ हो गया।

जाने-माने शोधार्थी डॉ पुरोहित की रिपोर्ट के अनुसार बिना हेलमेट 40-50 किमी प्रति घंटा की गति पर भी हादसा जानलेवा हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश मे दोपहिया वाहन पर बढ़ती निर्भरता से सवारों में दुर्घटना से मौत का खतरा बढता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में तेज रफ्तार, हेलमेट का कम उपयोग, कमजोर कानून व्यवस्था मौतों की बड़ी वजहें हैं।

उन्होंने रिपोर्ट में सुझाव दिया कि ग्रामीण इलाकों में ट्रॉमा केयर और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए तथा शहरी इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना होगा।

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