देहरादून , जनवरी 11 -- गुवाहाटी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने कहा है कि सड़क सुरक्षा का मामला चिन्ता का ही नहीं, बल्कि चिन्तन और सामूहिक कार्रवाई का विषय है।
डॉ. संजय ने यह बात रविवार को सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित वेबिनार के दौरान कही। एक जनवरी से शुरू हुए सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत उत्तराखंड के देहरादून स्थित संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर द्वारा आयोजित इस वेबिनार में उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से आने वाली चोटें आज के समय की सबसे गंभीर, किंतु पूर्णतः रोकी जा सकने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक हैं। उन्होंने यातायात नियमों के कठोर पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा साधनों के नियमित उपयोग तथा जिम्मेदार सड़क व्यवहार को जीवनरक्षक बताया।
वहीं, डॉ. एसएन सिंह ने यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने तथा सड़क सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं डॉ. राकेश डंगवाल ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी सामाजिक और व्यवहारगत समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों, संस्थानों और प्रशासन से मिलकर सुरक्षित सड़कों के निर्माण हेतु ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।
डॉ. गौरव संजय ने विशेष रूप से युवाओं और कार्यशील आयु वर्ग में सड़क दुर्घटनाओं के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार, प्रभावी ट्रॉमा केयर और सतत जन-जागरूकता से न केवल जीवन बचाए जा सकते हैं, बल्कि स्थायी विकलांगता को भी काफी हद तक रोका जा सकता है।
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