जालंधर , दिसंबर 26 -- पंजाब में जालंधर के उपायुक्त डॉ हिमांशु अग्रवाल ने सड़कों पर जानवरों को बेसहारा छोड़ने वालों को शुक्रवार को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को रात में ज़्यादा सतर्क रहने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी सड़कों पर जानवरों को बेसहारा छोड़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपील की कि जानवरों को सड़कों पर बेसहारा छोड़ने के बजाय, उन्हें प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे गौशालाओं में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने एलान किया कि जिन नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों ने सड़कों से 100 प्रतिशत आवारा जानवरों को गौशालाओं में शिफ्ट किया है, उनके नाम की सिफारिश ज़िला प्रशासन की तरफ से स्टेट अवॉर्ड के लिए की जाएगी।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि अप्रैल महीने से ज़िला प्रशासन ने शहर से 340 आवारा जानवरों को गौशालाओं में भेजा है। पिछले दो महीनों में शहर से 71 आवारा जानवरों को गौशालाओं में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा, पिछले कुछ महीनों में नगर परिषदों के तहत आने वाले इलाकों से 48 आवारा जानवरों को गौशालाओं में पहुंचाया गया है, जिससे यात्रियों और जानवरों दोनों की सुरक्षा पक्की हुई है, खासकर धुंध के मौसम में।
उपायुक्त ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रोग्राम की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत कुत्तों की नसबंदी के साथ-साथ एंटी-रेबीज वैक्सीन भी लगायी जा रही है। इस दौरान एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स, 2023 पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।
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